Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत की राष्ट्रपति ने भारत-उत्‍तर मैसिडोनिया व्यापार मंच को संबोधित किया। जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खतरनाक सीवर और सेप्टिक टैंक की... चित्रकूट में अवैध शराब कारोबार पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, 300 किलो लहन नष्ट, 20 लीटर कच्ची शराब... चित्रकूट कोठी तालाब का डीएम ने किया निरीक्षण। प्रधानमंत्री ने वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। CM YOGI LIVE:- बांदा में 710 करोड़ + लागत की 229 विकास परियोजना का लोकार्पण/ शिलान्यास। सरकार ने प्याज की खरीद कीमत में 13 प्रतिशत की वृद्धि जिससे प्याज किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और ब... केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज से शुरु हुई अमरनाथ यात्रा के दर्शन-पूजन के लिए जाने... बांदा डीएम ने बांदा को हरा भरा करने के उद्देश्य से पौधों की निकली बारात डीएम की मुहिम को जमीन पर लान... मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के न...

उपयंत्री का अनोखा विरोध; विभाग से मांगी भीख मांगने की अनुमति, 10 महीने से नहीं मिला जीवन निर्वाह भत्ता

3

रीवा : रीवा संभाग के मऊगंज नगर परिषद में पदस्थ रहे निलंबित उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह ने अब विभाग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। आर्थिक तंगी से परेशान उपयंत्री ने नगरीय प्रशासन के संभागीय अधिकारी को पत्र लिखकर उनसे ‘भीख मांगने की अनुमति’ मांगी है। उनका कहना है कि यदि उनके (unique protest of deputy engineer) जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान नहीं हुआ, तो वे कार्यालय के बाहर बैठकर कटोरा लेकर भीख मांगना शुरू कर देंगे।

unique protest of deputy engineer – निलंबित उपयंत्री का आरोप है कि लगभग 10 महीने पहले सीएम हेल्पलाइन में दर्ज एक शिकायत के आधार पर उन्हें निलंबित किया गया था। यह शिकायत नगर परिषद हनुमना में नाली निर्माण कार्य से संबंधित थी। उपयंत्री का दावा है कि जिस समय निर्माण कार्य हुआ, वे मऊगंज या हनुमना में पदस्थ ही नहीं थे, बल्कि संयुक्त संचालक कार्यालय रीवा में कार्यरत थे। इसके बावजूद उन्हें बलि का बकरा बनाकर निलंबित कर दिया गया।

 हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप

राजेश प्रताप सिंह का आरोप है कि निलंबन के इतने समय बाद भी उन्हें न तो आरोप पत्र (Charge Sheet) दिया गया और न ही विभागीय अधिकारियों ने उनके पक्ष को सुना। उन्होंने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट से 2 महीने पूर्व जीवन निर्वाह भत्ता जारी करने के आदेश मिल चुके हैं, लेकिन विभाग अब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास परिवार चलाने के लिए भीख मांगने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है।

Comments are closed.