जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को एक ऐसी भावुक तस्वीर देखने को मिली, जिसने व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से पड़ोसियों की प्रताड़ना झेल रही एक महिला अपनी बेटी के साथ जनसुनवाई में पहुंची और कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के सामने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाते हुए (troubled by domineering neighbors) फूट-फूटकर रो पड़ी।
कलेक्टर के पैरों में गिरकर लगाई मदद की गुहार
घटना तब घटी जब कलेक्टर राघवेंद्र सिंह कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। आशा (परिवर्तित नाम) और उसकी बेटी ने उनके सामने आते ही घुटनों के बल बैठकर रोते हुए अपना दर्द बयां किया। बेटी ने कलेक्टर के पैरों में गिरकर अपनी सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मां-बेटी की यह बेबसी वहां मौजूद लोगों को झकझोर देने वाली थी।
चार साल से जारी है प्रताड़ना का सिलसिला
पीड़ित महिला ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से पड़ोस में रहने वाले भागवत बघेल और उनके परिवार द्वारा प्रताड़ित की जा रही है। उसके आरोप गंभीर हैं:
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गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी।
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बेटी के साथ छेड़खानी की घटनाएं।
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पुलिस में बार-बार शिकायत करने के बावजूद पिछले 3 महीनों से कोई ठोस कार्रवाई न होना।
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आरोपियों द्वारा दर्ज मामले वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाना।
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कलेक्टर ने लिया संज्ञान, सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मौके पर ही महिला और उसकी बेटी की पूरी बात सुनी। उन्होंने तुरंत जिला पंचायत सीईओ से मामले की विस्तृत जानकारी ली और पुलिस अधीक्षक से (troubled by domineering neighbors) निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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