Khan Sir Controversy: पटना कोचिंग विवाद में नया मोड़; पुलिस जांच में खुलासा- ‘आत्मरक्षा नहीं, दहशत फैलाने के लिए हुई थी फायरिंग’
पटना: पटना के प्रसिद्ध कोचिंग संचालकों—खान सर और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के रौशन आनंद—के बीच चल रहा विवाद अब और गंभीर हो गया है। पुलिस डायरी से सामने आए तथ्यों ने मामले को पूरी तरह बदल दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि घटना वाली रात खान सर के बॉडीगार्डों द्वारा की गई फायरिंग ‘आत्मरक्षा’ में नहीं, बल्कि कथित तौर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।
⏱️ टाइमलाइन बनी जांच का आधार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2 जून की रात मारपीट और तोड़फोड़ की घटना 10:10 बजे हुई थी, जबकि खान सर के बॉडीगार्ड प्रदीप और तालेबर सिंह ने 20 मिनट बाद, यानी 10:30 बजे गोलियां चलाईं। पुलिस इस 20 मिनट के अंतराल को ही साजिशन कार्रवाई का प्रमुख साक्ष्य मान रही है।
⚖️ खान सर और बॉडीगार्डों पर शिकंजा
खान सर के मैनेजर की शिकायत में फायरिंग का जिक्र नहीं था, लेकिन पुलिस की स्वतंत्र जांच में खान सर और उनके दोनों सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पूछताछ में सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया है कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर ही गोलियां चलाई थीं। फिलहाल खान सर की गिरफ्तारी पर कोर्ट से अंतरिम रोक है, लेकिन बॉडीगार्डों की नियमित जमानत याचिका पर 20 जून को सुनवाई होनी है।
🎙️ रौशन आनंद के गंभीर आरोप
वहीं, रौशन आनंद ने भी खान सर पर जेल में रहते हुए उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उनके वकील का कहना है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई में देरी की, तो वे अदालत में नया परिवाद दायर करेंगे। फिलहाल पुलिस फायरिंग प्रकरण और प्रिंस यादव की मौत से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने के लिए गहन जांच कर रही है।
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