MP Government Temple Policy: मंदिरों के दान प्रबंधन के लिए एमपी सरकार गठित करेगी विशेषज्ञ समिति; जानें क्या होगी नई व्यवस्था
खंडवा: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उपजे विवादों के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर एक नया मॉडल तैयार किया जा रहा है।
📊 पारदर्शी प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ समिति
सरकार मंदिरों में दान राशि के पारदर्शी प्रबंधन के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेगी। यह समिति न केवल अन्य राज्यों के प्रमुख मंदिरों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी, बल्कि एक ऐसी कार्ययोजना तैयार करेगी जिसे महाकाल (उज्जैन) और ओंकारेश्वर जैसे बड़े मंदिरों में सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
🛡️ वर्तमान व्यवस्था और सुरक्षा उपाय
वर्तमान में महाकाल और ओंकारेश्वर मंदिरों में पहले से ही पारदर्शिता के कई कड़े इंतजाम हैं:
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वीडियोग्राफी व सीसीटीवी: दान पेटियों की गणना वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होती है।
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डिजिटल भुगतान: नकद के अलावा ऑनलाइन दान, क्यूआर कोड और सीधे बैंक खातों में जमा की सुविधा।
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बैंक कार्मिकों की भूमिका: गणना के बाद राशि सीधे मंदिर के अधिकृत बैंक खाते में जमा की जाती है।
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लेखा-जोखा: आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकल्पों का पृथक लेखा-जोखा रखा जा रहा है।
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