“मैंने अपनी बेटी साजिदा को कितनी बार समझाया था. उससे कहा था कि जैसे चल रहा है, वैसे चलने दो. अब्बू तुम्हारा पति बनकर रहेगा, तुम्हारा ख्याल रखेगा, पैसे भी देगा. तुम सिर्फ चुप रहो और हमारे रिश्ते के बीच मत आओ, लेकिन वो नहीं मानी. उसने अपने पिता को सब कुछ बताने की धमकी दे दी थी. बस इसी वजह से उसे रास्ते से (horrifying truth confessed) हटाना पड़ा और हमने उसे मार डाला.”
शाइस्ता के मुताबिक, साल 2009 में उसके माता-पिता ने उसकी शादी मोहम्मद मुदशीर से कराई थी. शादी के एक साल बाद यानी 2010 में उनकी बेटी साजिदा परवीन का जन्म हुआ. शादी के बाद करीब 10 साल तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन मुदशीर काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहने लगा.
horrifying truth confessed – पति की इसी दूरी के कारण शाइस्ता और उसके बीच रिश्तों में खटास आने लगी. शाइस्ता खुद को अकेला महसूस करने लगी और इसी अकेलेपन को दूर करने के लिए उसने अपनी बहन के ससुराल आना-जाना शुरू कर दिया. वहीं पर उसकी मुलाकात अपनी बहन के देवर अब्बू नसर से हुई.
अब्बू नसर की मां ने शाइस्ता से उसकी बेटी साजिदा की शादी अब्बू नसर से कराने का प्रस्ताव रखा. शुरुआत में शाइस्ता इस बात से बेहद नाराज हुई, क्योंकि साजिदा अभी नाबालिग थी. लेकिन तब प्रेमी अब्बू नसर ने शाइस्ता को एक खौफनाक प्लान समझाया. अब्बू ने कहा कि अगर साजिदा की शादी उससे हो जाएगी, तो वह दामाद बनकर कानूनी रूप से उनके घर आ-जा सकेगा और समाज में उनके अवैध रिश्ते पर कोई सवाल भी नहीं उठाएगा.
👁️ मां और पति को आपत्तिजनक हालत में देखा, तो साजिदा ने किया विरोध
शादी के बाद साजिदा और अब्बू नसर अलग रहने लगे. शाइस्ता अपनी बेटी से मिलने के बहाने हफ्ते में तीन बार दामाद के घर पहुंचने लगी. वह अक्सर साजिदा की अनुपस्थिति में अब्बू नसर से मिला करती थी. लेकिन पाप का यह घड़ा ज्यादा दिन नहीं छिप सका. एक दिन साजिदा ने अपनी मां शाइस्ता और पति अब्बू नसर को बंद कमरे में आपत्तिजनक हालत में रंगे हाथों देख लिया.
उस दिन घर में भारी हंगामा हुआ. साजिदा ने इस अनैतिक रिश्ते का पुरजोर विरोध किया और अपनी मां से साफ कह दिया कि वह उसके पति से दूर रहे. साजिदा के पिता मुदशीर के मुताबिक, साजिदा ने अपनी मां से रोते हुए कहा था, “मेरी शादी हो चुकी है, अब यह मेरी जिंदगी का सवाल है.” जब साजिदा ने इस घिनौनी बात की जानकारी अपने पिता को देने की धमकी दी, तो शाइस्ता और अब्बू नसर ने मिलकर उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
अररिया आरएस थाना प्रभारी अंकुर कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मां शाइस्ता परवीन और पति अब्बू नसर को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के कड़े रुख के सामने दोनों ने अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया है.
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