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कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े नियम; दिल्ली सरकार लाएगी व्यापक नियामक ढांचा, छात्रों की सुरक्षा पर जोर

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नई दिल्ली : साल 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग संस्थान में हुई दुखद घटना के बाद दिल्ली सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। छात्रों की सुरक्षा और संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा गठित ‘गौबा समिति’ की रिपोर्ट के आधार पर सरकार (strict rules for coaching institutes) एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार कर रही है।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में विभिन्न विभागों (MCD, अग्निशमन सेवा, पुलिस, श्रम विभाग आदि) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। दिल्ली सरकार ने नीति निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए ‘उच्च शिक्षा निदेशक’ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। यह कदम कोचिंग संस्थानों की अव्यवस्थित निगरानी को समाप्त कर एक समन्वित ढांचे की ओर बड़ा बदलाव है।

 बहु-विषयक समिति  का गठन

सरकार एक बहु-विषयक समिति का गठन करेगी, जो कोचिंग संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। इसमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल होंगे:

    • शुल्क संरचना (Fee Structure): कोचिंग फीस में पारदर्शिता और तर्कसंगत निर्धारण।

    • आधारभूत संरचना: भवन सुरक्षा, अग्निशमन अनुपालन और आपदा प्रबंधन व्यवस्था।

    • छात्र कल्याण: मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श की सुविधा।

    • शिक्षक कल्याण: कर्मचारियों के लिए कार्य परिस्थितियों का मानकीकरण।

       

शिकायत निवारण और सख्त निगरानी

नया नियामक ढांचा न केवल संस्थानों को जवाबदेह बनाएगा, बल्कि छात्रों और कर्मचारियों के लिए एक प्रभावी ‘शिकायत निवारण तंत्र’  भी विकसित करेगा। आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि दिल्ली देश का पहला ऐसा (strict rules for coaching institutes) राज्य बनने जा रहा है, जो कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए इतने व्यापक और कड़े दिशा-निर्देश लागू करेगा। नियमित निरीक्षण और अनुपालन निगरानी अब सख्ती से सुनिश्चित की जाएगी।

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