पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी पराजय का सामना करने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक अभूतपूर्व और भीषण घमासान छिड़ गया है. पार्टी के भीतर असंतोष की आग इस कदर भड़क चुकी है (West Bengal Political Crisis) कि टीएमसी के 58 विधायक पहले ही टूट चुके हैं, और अब 18 लोकसभा सांसदों के भी बागी होने की खबरें सामने आ रही हैं.
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West Bengal Political Crisis – राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि जगह-जगह पार्टी पदाधिकारियों पर जनता द्वारा अंडे फेंके जा रहे हैं और उनके साथ मारपीट की घटनाएं हो रही हैं. इस भारी संकट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट में तीसरी आपात बैठक बुलाई, जिसमें केवल छह सांसद और आठ विधायक ही उपस्थित हुए. इस बेहद कम उपस्थिति ने इन कयासों को और हवा दे दी है कि आगामी 8 जून को टीएमसी का एक और बड़ा विभाजन होने जा रहा है.
अभिषेक बनर्जी को संसदीय दल के नेता पद से हटाने की मांग
पार्टी सूत्रों से मिल रही बेहद पुख्ता राजनीतिक जानकारियों के अनुसार, टीएमसी के बागी विधायक दल की तर्ज पर आने वाले कुछ ही दिनों में लोकसभा सांसदों का भी एक पूरी तरह से नया ग्रुप (गुट) संसद में दिखाई दे सकता है. अपनी रणनीति के तहत, ये बागी सांसद 7 जून (रविवार) को कोलकाता में एक गुप्त बैठक करने जा रहे हैं, जिसकी अध्यक्षता काकोली घोष करेंगी, और इसके अगले ही दिन 8 जून को ये सभी दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर अभिषेक बनर्जी को संसदीय दल के नेता पद से हटाने और काकोली घोष को नया नेता घोषित करने की आधिकारिक मांग सौंप सकते हैं.
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