Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत की राष्ट्रपति ने भारत-उत्‍तर मैसिडोनिया व्यापार मंच को संबोधित किया। जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खतरनाक सीवर और सेप्टिक टैंक की... चित्रकूट में अवैध शराब कारोबार पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, 300 किलो लहन नष्ट, 20 लीटर कच्ची शराब... चित्रकूट कोठी तालाब का डीएम ने किया निरीक्षण। प्रधानमंत्री ने वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। CM YOGI LIVE:- बांदा में 710 करोड़ + लागत की 229 विकास परियोजना का लोकार्पण/ शिलान्यास। सरकार ने प्याज की खरीद कीमत में 13 प्रतिशत की वृद्धि जिससे प्याज किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और ब... केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज से शुरु हुई अमरनाथ यात्रा के दर्शन-पूजन के लिए जाने... बांदा डीएम ने बांदा को हरा भरा करने के उद्देश्य से पौधों की निकली बारात डीएम की मुहिम को जमीन पर लान... मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के न...

पेट्रोल होगा सस्ता! E22-E30 फ्यूल पर सरकार ने खत्म की एक्साइज ड्यूटी, जानें क्या होगा फायदा

2

नई दिल्ली : वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार ने 22% से 30% तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इस फैसले से पेट्रोल के दाम कम होने और( petrol will be cheaper) आम जनता को सस्ता विकल्प मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

 E20 का लक्ष्य पूरा, अब E30 की ओर कदम

भारत ने पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने (E20) का अपना महत्वाकांक्षी लक्ष्य समय सीमा से पहले ही प्राप्त कर लिया है। अब राजस्व विभाग ने E22, E25, E27 और E30 फ्यूल ब्लेंड्स पर न केवल एक्साइज ड्यूटी, बल्कि रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को भी शून्य कर दिया है। यह विशेष छूट भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के ‘IS 19850’ मानकों का पालन करने वाले फ्यूल पर लागू होगी। घरेलू स्तर पर उत्पादित इथेनॉल का उपयोग बढ़ने से क्रूड ऑयल का आयात घटेगा, जिससे भारत का बेशकीमती विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा।

 किसानों की बढ़ेगी आय और प्रदूषण में आएगी कमी

इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का सीधा लाभ कृषि क्षेत्र को होगा। देश में गन्ने और अनाज आधारित डिस्टिलरी (शराब कारखानों) की क्षमता का अब पूर्ण उपयोग हो सकेगा। इससे न केवल बाजार में गन्ने की खपत बढ़ेगी, बल्कि (petrol will be cheaper) किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके अतिरिक्त, इथेनॉल की उच्च मात्रा वाले फ्यूल का उपयोग कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा।

Comments are closed.