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Andhra Pradesh News: चित्तूर में मेले के दौरान रोकी गई भैंस की बलि; प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से बची जान

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चित्तूर: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के पुथलपट्टू मंडल स्थित थिम्मिरेड्डीपल्ली गांव में पशु बलि रोकने का एक अनोखा मामला सामने आया है। गांव वाले एक मेले (अम्मावरी जतारा) के दौरान 50,000 रुपये में खरीदी गई भैंस की बलि देने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन प्रशासन और पुलिस की तत्परता से इसे रोक दिया गया।

🛡️ युवाओं के विरोध से शुरू हुई कार्रवाई

मेले के दौरान पशु बलि की जानकारी मिलते ही गांव के तीन जागरूक युवकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने भैंस की तस्वीरों के साथ केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय को ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई। केंद्रीय अधिकारियों के निर्देश पर जिला कलेक्टर और एसपी तुषार दुदी ने तत्काल संज्ञान लिया। पुथलपट्टू तहसीलदार उदय सतीश और भारी पुलिस बल ने गांव पहुंचकर बलि की प्रक्रिया को रुकवा दिया।

👮 रात भर रही पुलिस की निगरानी

अधिकारियों ने न केवल भैंस को सुरक्षित किया, बल्कि पूरी रात उस इलाके की निगरानी की जहां उसे बांधा गया था। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांव वालों ने पारंपरिक तरीके से कुंभ का आयोजन किया और पूजा-अर्चना की। किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए मेले के समापन तक पुलिस बल तैनात रहा।

💡 गांव वालों का पक्ष

ग्रामवासियों का कहना था कि वे लगभग 40 वर्षों बाद गांव की सुख-शांति और समृद्धि के लिए यह बलि देना चाहते थे। हालांकि, सरकारी हस्तक्षेप के कारण उन्हें अपनी योजना बदलनी पड़ी। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ पशु अधिकार और पारंपरिक मान्यताओं के बीच एक बड़ी बहस देखने को मिली है।

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