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छत्तीसगढ़ की नर्सों की इजरायल नियुक्ति पर घमासान; डॉ. राकेश गुप्ता ने सुरक्षा व गरिमा पर उठाए सवाल

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में इजरायल के लिए होम-केयरगिवर पदों पर हो रही भर्ती विवादों में घिर गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने राज्यपाल को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया की (Israel Nursing Recruitment) समीक्षा और नर्सिंग पेशे की गरिमा की रक्षा की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रशिक्षित नर्सों से घरेलू काम करवाना न केवल उनके कौशल का अपमान है, बल्कि युद्धग्रस्त क्षेत्र में उनकी सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।

 क्या है विवाद का मुख्य कारण?

इजरायल में 3,500 होम-केयरगिवर पदों के लिए निकले विज्ञापन में जीएनएम और बीएससी नर्सिंग योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका दिया गया है। हालांकि, विज्ञापन में कार्य-दायित्वों में रोगी की देखभाल (Israel Nursing Recruitment) के साथ-साथ खाना बनाना, घर की सफाई, कपड़े धोना और खरीदारी जैसे घरेलू कार्य भी शामिल किए गए हैं।

  सुरक्षा और पेशेवर गरिमा को लेकर गंभीर चिंताएं

कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ ने इस भर्ती को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं:

    • व्यावसायिक शोषण: प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को घरेलू कार्यों में लगाना पेशेवर अधिकारों का उल्लंघन है।

    • सुरक्षा जोखिम: इजरायल के वर्तमान युद्धग्रस्त और सैन्य तनावपूर्ण माहौल में भारतीय महिलाओं को भेजना शारीरिक और मानसिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील है।

    • अस्पष्टता: विज्ञापन में “Employer की आवश्यकता” जैसे शब्दों का उपयोग कार्य के दायरे को अनिश्चित बनाता है, जिससे शोषण की आशंका बढ़ जाती है।

    • मानवाधिकार: क्या इन अभ्यर्थियों के लिए पर्याप्त कानूनी बीमा, आपातकालीन निकासी योजना और दूतावास द्वारा संरक्षण की व्यवस्था है? इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।

       

 

 

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