नई दिल्ली : भारतीय निशानेबाजी जगत के लिए यह एक अत्यंत दुखद समाचार है। देश के महान निशानेबाज और नेशनल टीम के हाई-परफॉर्मेंस कोच जसपाल राणा का गुरुवार रात दिल्ली में निधन हो गया। महज 49 वर्ष की उम्र में साइलेंट हार्ट अटैक ने एक शानदार खिलाड़ी और युवा निशानेबाजों के सबसे बड़े हमदर्द को हमसे (Jaspal Rana Passed Away) छीन लिया। वे न केवल शूटिंग रेंज में अपने सटीक निशानों के लिए जाने जाते थे, बल्कि खिलाड़ियों के हक की लड़ाई लड़ने वाले एक योद्धा भी थे।
जसपाल राणा की पहचान केवल उनके पदकों से नहीं, बल्कि खेल के प्रति उनकी निष्ठा से भी थी। 2017 में जब शूटिंग उपकरणों (पिस्तौल, राइफल, कारतूस) पर 12% से लेकर 28% तक जीएसटी लागू किया गया, तो उन्होंने इसे भारतीय शूटिंग भविष्य पर ‘घातक प्रहार’ करार दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि जर्मनी और इटली से आयातित महंगे उपकरणों के बिना भारत के प्रतिभाशाली गरीब खिलाड़ी कैसे देश का प्रतिनिधित्व कर पाएंगे?
Jaspal Rana Passed Away – जसपाल राणा ने दिल्ली स्टेट राइफल एसोसिएशन (DSRA) के चेयरमैन के तौर पर अपनी आवाज बुलंद की। उनके इस मुद्दे को कलिकेश नारायण सिंह देव ने संसद में उठाया, जबकि कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने वित्त मंत्रालय के साथ समन्वय किया। साथ ही, अभिनव बिंद्रा और गगन नारंग जैसे दिग्गजों का भी साथ मिला। जसपाल राणा की मुखर आवाज के कारण ही सरकार को अपना निर्णय बदलना पड़ा और ‘रिनाउंड’ निशानेबाजों के लिए आयातित उपकरणों पर जीएसटी और कस्टम ड्यूटी में महत्वपूर्ण छूट मिली।
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