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भरंडा गांव में धर्मांतरण के संदेह पर हंगामा; दो पक्षों के बीच झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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नारायणपुर : जिले के भरंडा गांव में सोमवार शाम उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब ग्रामीणों ने गांव में आए कुछ बाहरी लोगों को धर्मांतरण के संदेह में रोक लिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामले में मारपीट और धक्का-मुक्की के आरोप भी लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने गांव में (uproar over suspicion of conversion) सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

 क्या था विवाद का कारण?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब गांव के बाहर एक ‘प्रेस’ लिखे वाहन को ग्रामीणों ने खड़ा देखा। ग्रामीणों को आशंका थी कि वाहन सवार लोग धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों में शामिल हैं। दूसरी ओर, मतांतरित परिवारों ने दावा किया कि उनमें से एक व्यक्ति आयुर्वेदिक चिकित्सक है जो ग्रामीणों के उपचार और दवा देने आया था। ग्रामीणों की इस ‘संदेह’ और मतांतरित परिवारों के ‘बचाव’ के बीच बहस तीखी हो गई और माहौल बिगड़ गया।

 सामाजिक और धार्मिक संतुलन की चुनौती

नारायणपुर में धार्मिक पहचान और धर्मांतरण को लेकर पहले भी कई बड़े विवाद हो चुके हैं। भरंडा गांव की ताजा घटना ने एक बार फिर आदिवासी परंपराओं, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द के बीच (uproar over suspicion of conversion) संतुलन बनाए रखने की गंभीर चुनौती को सामने ला दिया है। मतांतरित परिवारों का आरोप है कि उन्हें लगातार सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है, जबकि परंपरागत समाज का मानना है कि बाहरी गतिविधियों के कारण गांव की शांति भंग हो रही है।

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