Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
आगामी दिनों में देवी प्रतिमा विसर्जन,और सुरक्षा की पैनी नजर व्यक्ति को कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने पकड़ा मिशन शक्ति फेज तहत, एनसीसी छात्राओं ने संभाली यातायात व्यवस्था मिशन शक्ति के तहत अनूठा पहल, बालिकाओं ने संभाली जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने आज राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर इंडिया गठबंधन की हवा निकाल दी सड़क सुरक्षा के लिए समर्पित शिक्षक डॉ. पीयूष मिश्रा का झांसी में सम्मान ब्रेकिंग: झांसी से कन्नौज तक सड़क पर हादसों का कहर, कहीं भिड़ंत के बाद धधका ऑटो तो कहीं चलती कार बनी... लगातार बदलते मौसम के बीच बारिश का कहर, भरभराकर गिरा मकान भारत की राष्ट्रपति ने भारत-उत्‍तर मैसिडोनिया व्यापार मंच को संबोधित किया। जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खतरनाक सीवर और सेप्टिक टैंक की...

हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज का 86वां स्थापना दिवस; सांसद लक्ष्मी वर्मा ने शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा को दी मंजूरी

13

 बालोद के टाउन हॉल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज का 86वां स्थापना दिवस भव्य रूप में मनाया गया। इस प्रांतीय महाअधिवेशन में पूरे छत्तीसगढ़ से समाज के हजारों लोग एकत्र हुए। कार्यक्रम (halba halbi tribal society) में आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक नृत्य और सामाजिक एकजुटता की अनूठी मिसाल देखने को मिली।

halba halbi tribal society – कार्यक्रम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि आज के दौर में सरकार चलाना भले ही आसान हो, लेकिन समाज को संगठित और अनुशासित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने पूर्वजों द्वारा स्थापित रीति-नीतियों को समाज की आधारशिला बताया और सहकारिता के क्षेत्र में आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान की सराहना की।

इसे भी पढ़ें – रायपुर से बारनवापारा तक महिला बाइकर्स की ऐतिहासिक राइड; सड़क सुरक्षा का दिया संदेश

समाज के केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र माहला ने मंच से शहीद शिरोमणि गैंद सिंह नायक के बलिदान का स्मरण करते हुए उनकी आदमकद प्रतिमा डोंडी नगर में स्थापित करने की मांग रखी। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने इस मांग को तत्परता से स्वीकार करते हुए जल्द प्रतिमा स्थापना का भरोसा दिलाया।

 इतिहास को याद रखना विकास के लिए जरूरी: सांसद

सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ 46 जनजातियों का प्रदेश है और हल्बा-हल्बी समाज की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शहीद गैंद सिंह नायक को नमन करते हुए कहा कि 1857 की क्रांति में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं की भारी उपस्थिति को समाज की बढ़ती जागरूकता का परिचायक बताया।

Comments are closed.