अध्यापन के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता को बनाया मिशन, लंबे समय से कर रहे हैं निरंतर जनजागरूकता का कार्य
झांसी, 29 सितंबर 2026। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए राजकीय इंटर कॉलेज बांदा के शिक्षक एवं मंडलीय समन्वयक/मास्टर ट्रेनर (सड़क सुरक्षा) डॉ. पीयूष मिश्रा को झांसी में सम्मानित किया गया
कार्यालय संयुक्त शिक्षा निदेशक, शिक्षा भवन झांसी में आयोजित कार्यक्रम में उप परिवहन आयुक्त, झांसी परिक्षेत्र संजय सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक झांसी मंडल/चित्रकूट धाम मंडल राजेश कुमार वर्मा तथा संभागीय परिवहन अधिकारी झांसी मंडल राजेश कुमार वर्मा ने डॉ. पीयूष मिश्रा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की।
अध्यापन के साथ सड़क सुरक्षा का अभियान
डॉ. पीयूष मिश्रा लंबे समय से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षक के रूप में अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करने के साथ ही वह विभिन्न सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लगातार सहभागिता करते रहे हैं।
उनका प्रयास केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और आमजन के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करने पर केंद्रित है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वह विद्यालयों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से सड़क सुरक्षा संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
घर-घर पहुंचे सड़क सुरक्षा का संदेश
सम्मान समारोह में अधिकारियों ने अपेक्षा व्यक्त की कि डॉ. पीयूष मिश्रा भविष्य में भी इसी समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कार्य करते रहेंगे। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग से लेकर उच्च शिक्षा विभाग तक शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के सहयोग से सड़क सुरक्षा के मिशन को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।
अधिकारियों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने डॉ. पीयूष मिश्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
सम्मान से बढ़ा उत्साह
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए मिले इस सम्मान से डॉ. पीयूष मिश्रा के सहयोगियों और शुभचिंतकों में भी खुशी है। अध्यापन के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सक्रिय रहकर लोगों को जागरूक करने का उनका प्रयास उन्हें शिक्षा के साथ जनजागरूकता के क्षेत्र में भी एक सक्रिय भूमिका निभाने वाला शिक्षक बनाता है।
सड़क सुरक्षा का संदेश स्पष्ट है—यातायात नियमों का पालन केवल स्वयं की सुरक्षा नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी है।