लुधियाना : जनता के टैक्स के पैसे का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है, इसका एक चौंकाने वाला उदाहरण वार्ड 83 की सर्कुलर रोड पर देखने को मिला। नई सड़क के निर्माण में नियमों को ताक पर रखकर घटिया मटीरियल इस्तेमाल किया जा रहा था। वार्ड पार्षद दविंदर जग्गी ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की, तो (Ludhiana Road Scam) सरकारी कागजों और धरातल पर काम के बीच भारी अंतर पाया गया।
पार्षद दविंदर जग्गी ने खुद जमीन पर बैठकर सड़क के मटीरियल की मोटाई मापी। एस्टीमेट के अनुसार सड़क पर 3 इंच मोटा पत्थर (गटका) होना चाहिए था, जबकि मौके पर कई जगह सिर्फ डेढ़ इंच और कुछ जगह आधा इंच ही मिला। बिना किसी वेट-मिक्स के सीधा गटका डालने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पार्षद ने बताया कि कार्यस्थल पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जेई निगरानी के लिए मौजूद नहीं था।
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सड़क के साथ बन रही पानी की निकासी वाली जाली की गहराई नियमों के मुकाबले बहुत कम पाई गई। पार्षद ने बताया कि एस्टीमेट में 6 केजी प्रेशर झेलने वाले मजबूत पाइपों की जगह ठेकेदार ने पैसे बचाने के लिए 4 केजी प्रेशर वाले हल्के और घटिया पाइप डाल दिए। वहीं, सड़क की चौड़ाई भी रिकॉर्ड में 38 फुट दिखाई गई थी, जबकि मौके पर यह केवल 22 फुट ही बनी।
Ludhiana Road Scam – अधिकारियों और ठेकेदार ने कथित रूप से सरकारी छुट्टियों का फायदा उठाकर इस घटिया काम को कोलतार या कंक्रीट के नीचे दबाने की योजना बनाई थी। लेकिन ऐन वक्त पर हुई तेज बारिश ने इस ‘पाप’ को बाहर निकाल दिया। बारिश के कारण काम रुका तो नीचे बिछाया गया कच्चा-घटिया मटीरियल सबके सामने आ गया, जिससे ठेकेदार की पोल खुल गई।
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