Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत की राष्ट्रपति ने भारत-उत्‍तर मैसिडोनिया व्यापार मंच को संबोधित किया। जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खतरनाक सीवर और सेप्टिक टैंक की... चित्रकूट में अवैध शराब कारोबार पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, 300 किलो लहन नष्ट, 20 लीटर कच्ची शराब... चित्रकूट कोठी तालाब का डीएम ने किया निरीक्षण। प्रधानमंत्री ने वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। CM YOGI LIVE:- बांदा में 710 करोड़ + लागत की 229 विकास परियोजना का लोकार्पण/ शिलान्यास। सरकार ने प्याज की खरीद कीमत में 13 प्रतिशत की वृद्धि जिससे प्याज किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और ब... केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज से शुरु हुई अमरनाथ यात्रा के दर्शन-पूजन के लिए जाने... बांदा डीएम ने बांदा को हरा भरा करने के उद्देश्य से पौधों की निकली बारात डीएम की मुहिम को जमीन पर लान... मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के न...

बालोद में बिजली दरों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन; पूर्व विधायक अरुण वोरा ने स्मार्ट मीटर को बताया ‘लूट का जरिया’

3

बालोद: छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटरों की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बालोद में पूर्व विधायक अरुण वोरा और विधायक (Protest Against Electricity Rates) संगीता सिन्हा ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को ‘आर्थिक अत्याचार’ करार दिया है।

इसे भी पढ़ें –  रेत विवाद में खूनी खेल; भाजपा नेता भरत सिंह की कार में जिंदा जलकर मौत, इलाके में भारी तनाव

 Protest Against Electricity Rates – अरुण वोरा ने बताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार है जब बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, 12% विद्युत ईंधन अधिभार (FPPA) ने जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में जहां ‘बिजली बिल हाफ’ योजना से राहत थी, वहीं वर्तमान में जनता अनाप-शनाप बिलों से जूझ रही है।

 स्मार्ट मीटर का खेल और मनमानी

कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये मीटर वास्तविक खपत से कहीं अधिक तेजी से भाग रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विभाग बिना उपभोक्ता की सहमति के उनका ‘सेंक्शंड लोड’ बढ़ा रहा है और फिर एग्रीमेंट से अधिक खपत बताकर भारी पेनल्टी लगा रहा है। साथ ही, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिलों के बीच का अंतर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहा है।

Comments are closed.