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विधायक संगीता सिन्हा ने PDS चावल की गुणवत्ता पर उठाए सवाल; कहा- ‘अखाद्य है सरकारी राशन’

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बालोद : छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), जिसे देश भर में मॉडल माना जाता है, उस पर बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बघमरा में आयोजित ‘सुशासन चौपाल’ के दौरान विधायक (government ration is inedible) ने मंच से जिला प्रशासन से जवाब मांगा है कि आखिर गरीबों को खाने योग्य नहीं, बल्कि सड़ा हुआ बदबूदार चावल क्यों बांटा जा रहा है?

government ration is inedible – विधायक संगीता सिन्हा ने तीखे शब्दों में कहा कि राशन दुकानों (सोसायटियों) में मिल रहा चावल इंसानों के खाने लायक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण लगातार इसकी शिकायत कर रहे हैं। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि लोग यह घटिया चावल खाएंगे, तो वे बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ मॉडल की धाक के बीच बालोद जिले में गरीबों की सेहत के साथ हो रहा यह खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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जब इस संबंध में विधायक ने अधिकारियों से शिकायत की, तो उनका तर्क था कि उन्हें राइस मिलों से ही इसी गुणवत्ता का चावल मिल रहा है। इस पूरे मामले पर अब तक न तो जिला प्रशासन के अधिकारियों की ओर से और न ही राइस मिलर्स की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी किया गया है।

 छत्तीसगढ़ की PDS प्रणाली पर एक नजर

छत्तीसगढ़ की PDS प्रणाली को देश में सबसे बेहतरीन और पारदर्शी माना जाता है। यहाँ कंप्यूटर आधारित आपूर्ति श्रृंखला और GPS-आधारित ट्रकों के माध्यम से राशन का वितरण किया जाता है। ऐसे में बालोद में सामने आया यह मामला इस पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण पर बड़े सवाल खड़े करता है।

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