Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
आगामी दिनों में देवी प्रतिमा विसर्जन,और सुरक्षा की पैनी नजर व्यक्ति को कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने पकड़ा मिशन शक्ति फेज तहत, एनसीसी छात्राओं ने संभाली यातायात व्यवस्था मिशन शक्ति के तहत अनूठा पहल, बालिकाओं ने संभाली जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने आज राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर इंडिया गठबंधन की हवा निकाल दी सड़क सुरक्षा के लिए समर्पित शिक्षक डॉ. पीयूष मिश्रा का झांसी में सम्मान ब्रेकिंग: झांसी से कन्नौज तक सड़क पर हादसों का कहर, कहीं भिड़ंत के बाद धधका ऑटो तो कहीं चलती कार बनी... लगातार बदलते मौसम के बीच बारिश का कहर, भरभराकर गिरा मकान भारत की राष्ट्रपति ने भारत-उत्‍तर मैसिडोनिया व्यापार मंच को संबोधित किया। जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खतरनाक सीवर और सेप्टिक टैंक की...

बार-बार होती है एसिडिटी और सीने में जलन? इन आदतों को तुरंत बदलें, मिलेगा आराम

8

 भारत की एक बड़ी आबादी पेट फूलने, सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या से जूझ रही है। शोध बताते हैं कि करीब 60 से 70 फीसदी भारतीय साप्ताहिक रूप से पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करते हैं। हालांकि हम अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसका मुख्य कारण (acidity and heartburn) हमारी जीवनशैली और खानपान की गलत आदतें हैं।

 एसिडिटी के पीछे का विज्ञान

एसिडिटी तब होती है जब पेट की ग्रंथियां (Gastric Glands) भोजन को पचाने के लिए जरूरत से ज्यादा हाइड्रोक्लोरिक एसिड का निर्माण करने लगती हैं। यह अतिरिक्त एसिड पेट की परत को (acidity and heartburn) नुकसान पहुँचाता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकारें आने लगती हैं।

 चाय और लैक्टोज इंटॉलरेंस का कनेक्शन

डॉ. महेश गुप्ता (डायरेक्टर, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, फोर्टिस नोएडा) के अनुसार, कई लोगों को दूध वाली चाय पीने से गैस की समस्या होती है। इसका कारण लैक्टोज इंटॉलरेंस हो सकता है। यदि आपके शरीर में ‘लैक्टेज’ एंजाइम की कमी है, तो आप दूध को ठीक से पचा नहीं पाते, जिससे पेट फूलना, एसिडिटी या डायरिया की समस्या हो सकती है।

 लाइफस्टाइल और बिगड़ा हुआ खानपान

एसिडिटी केवल चाय तक सीमित नहीं है, बल्कि खराब जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार है:

    • शारीरिक सक्रियता की कमी: दिनभर बैठे रहने से मेटाबॉलिक रेट बिगड़ जाता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी अनिवार्य है।

    • बाहरी और तला-भुना खाना: मैदा, रिफाइंड ऑयल और अधिक तले-भुने भोजन का सेवन पाचन तंत्र और गट हेल्थ (Gut Health) को कमजोर बनाता है।

       

 

Comments are closed.