Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
आगामी दिनों में देवी प्रतिमा विसर्जन,और सुरक्षा की पैनी नजर व्यक्ति को कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस ने पकड़ा मिशन शक्ति फेज तहत, एनसीसी छात्राओं ने संभाली यातायात व्यवस्था मिशन शक्ति के तहत अनूठा पहल, बालिकाओं ने संभाली जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी ने आज राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर इंडिया गठबंधन की हवा निकाल दी सड़क सुरक्षा के लिए समर्पित शिक्षक डॉ. पीयूष मिश्रा का झांसी में सम्मान ब्रेकिंग: झांसी से कन्नौज तक सड़क पर हादसों का कहर, कहीं भिड़ंत के बाद धधका ऑटो तो कहीं चलती कार बनी... लगातार बदलते मौसम के बीच बारिश का कहर, भरभराकर गिरा मकान भारत की राष्ट्रपति ने भारत-उत्‍तर मैसिडोनिया व्यापार मंच को संबोधित किया। जनवरी 2021 से जून 2026 के बीच 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खतरनाक सीवर और सेप्टिक टैंक की...

US-Iran Peace Deal: अमेरिका-ईरान समझौते से बदला मध्य पूर्व का समीकरण; नेतन्याहू और ट्रंप के बीच बढ़ी दूरियां

7

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 14 सूत्री समझौते ने मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस MoU पर हस्ताक्षर से महज 72 घंटे पहले इजराइल और अमेरिका के संबंधों में आई दरार साफ देखी जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्यान अब कूटनीतिक समझौते पर है, जबकि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इसे (US-Iran Peace Deal) अपने हितों के खिलाफ देख रहे हैं।

 नेतन्याहू और ट्रंप के रास्तों में दूरी

सोमवार रात नेतन्याहू ने पहली बार खुलकर कहा कि यह समझौता पूरी तरह से ‘अमेरिका का फैसला’ है। उन्होंने खुद को और अपने देश को इस निर्णय से अलग करते हुए साफ संकेत दिए कि इजराइल अब स्वतंत्र रुख अपना सकता है। नेतन्याहू इस समय विपक्षी दबाव, सेना (IDF/मोसाद) की नाराजगी और जनता के गुस्से के बीच ‘त्रिकोण’ में फंस गए हैं।

 कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें

नेतन्याहू के लिए चुनौतियां केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि घरेलू मोर्चे पर भी हैं। यरूशलम की अदालत में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के मामलों की सुनवाई चल रही है। अदालत द्वारा उनके वकीलों की अर्जी खारिज करना यह दर्शाता है कि उनकी राजनीतिक पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही।

 ईरान का ‘प्रॉक्सी नेटवर्क’ और सुरक्षा चुनौतियां

ईरान के कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी का बयान कि ‘हमास का पुनर्निर्माण किया जाएगा’, इजराइल के लिए एक बड़ी चेतावनी है। समझौते के बाद ईरान पर लगे प्रतिबंध हटने की संभावना है, जिससे हमास (US-Iran Peace Deal) और हिजबुल्लाह जैसे प्रॉक्सी संगठनों को फिर से हथियार मिलने का खतरा बढ़ गया है।

    • रूट-1: सड़क और समुद्र के जरिए 10-15 दिन में सप्लाई।

    • रूट-2: अरब सागर और सिनाई प्रायद्वीप के जरिए 2-3 महीने लंबी समुद्री और जमीनी यात्रा।

       

 

 

Comments are closed.